Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य नीति, Download PDF

11 May 2020
चाणक्य भारतीय इतिहास के सबसे महान दार्शनिक, सलाहकार और शिक्षक थे, उन्होंने चंद्रगुप्त मोर्य को सत्ता में आने और भारतीय इतिहास के सबसे महान राजा बनने में मदद की।
उनकी पुस्तक, जिसे वर्तमान में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है, भारतीय इतिहास में कई राजाओं की प्रेरणा थी।
चाणक्य नीति पुस्तक में 17 अध्याय हैं और प्रत्येक अध्याय में जीवन, दोस्ती, कर्तव्य, प्रकृति, पत्नी, बच्चों, धन, व्यवसाय और अन्य सभी चीजों के बारे में उल्लेख किया गया है जो हमारे जीवन को सरल बना कर हमें सफल बनने में मदद करते हैं
चाणक्य नीति सभी के लिए है, और कोई भी इसे पढ़ सकता है और जीवन को सफल बना सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप छात्र हैं या शिक्षक। इस पुस्तक में उन सभी सवालों का जवाब है जो आपको सफल बनने में मदद करेंगे|

Table of Content

चाणक्य नीति
चाणक्य नीति मूल रूप से संस्कृत में लिखी गई है, बाद में इसका अनुवाद कई अन्य भाषाओं और हिंदी में भी हुआ।
यहां तक कि आधुनिक दुनिया में भी लाखों लोग चाणक्य नीति को आज भी पढ़ते हैं और इससे प्रेरित होकर, आज भी कई राजनेता बिजनेसमैन और उद्योगपति चाणक्य नीति को पढ़कर अपने आप को सफल बनाने में कामयाब हुए हैं।
चाणक्य की कहीं हर बात आज भी उतनी ही सही है जितनी वह उस जमाने में हुआ करती थी।
चाणक्य नीति आपको अपने जीवन में कुछ भी हासिल करने में मदद करती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस क्षेत्र में हैं। मैं सभी को उनके जीवन में एक बार इस महान पुस्तक को पढ़ने की सलाह देता हूं।

Chanakya Niti (चाणक्य नीति): 17 Adhyaay

चाणक्य निति के सभी 17 अध्यायों को एक पुस्तक की तरह यहाँ पढ़ें, चाणक्य निति का हर अध्याय आपको अद्वितीय जीवन पाठ सिखाता है और आपको जीवन के विभिन्न परिप्रेक्ष्य दिखाता है।
आप प्रकृति, जानवरों, महिलाओं, पुरुषों, बच्चों, दुश्मन, दोस्त, पड़ोसी, पत्नी और मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानेंगे।
यदि आप चाणक्य नीति को पूरी तरह से पढ़ते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, तो कोई भी आपको सफल होने से रोक नहीं सकता आप कभी भी किसी के धोखे का शिकार नहीं होंगे और जीवन में हमेशा सफलता पाएंगे।
यह पुस्तक आपको सिखाती है कि प्रकृति मनुष्यों को कैसे प्रेरित करती है या आप छोटी चीजों को कैसे प्रेरणादायक पा सकते हैं।
  1. चाणक्य नीति: अध्याय एक
  2. चाणक्य नीति: अध्याय दो
  3. चाणक्य नीति: अध्याय तीन
  4. चाणक्य नीति: अध्याय चार
  5. चाणक्य नीति: अध्याय पांच
  6. चाणक्य नीति: अध्याय छह
  7. चाणक्य नीति: अध्याय सात
  8. चाणक्य नीति: अध्याय आठ
  9. चाणक्य नीति: अध्याय नौ
  10. चाणक्य नीति: अध्याय दस
  11. चाणक्य नीति: अध्याय ग्यारह
  12. चाणक्य नीति: अध्याय बारह
  13. चाणक्य नीति: अध्याय तेरह
  14. चाणक्य नीति: अध्याय चौदह
  15. चाणक्य नीति: अध्याय पंद्रह
  16. चाणक्य नीति: अध्याय सोलह
  17. चाणक्य नीति: अध्याय सत्रह

Best Chanakya Quotes(चाणक्य के विचार)

दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।
भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।
अच्छा मित्र वही है जो हमे निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे: आवश्यकता पड़ने पर, किसी दुर्घटना पड़ने पर, जब अकाल पड़ा हो, जब युद्ध चल रहा हो, जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े, और जब हमे समशान घाट जाना पड़े।
५. ऐसे लोगों से बचे जो आपके मुह पर तो मीठी बातें करते हैं, लेकिन आपके पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते है, ऐसा करने वाले तो उस विष के घड़े के समान है जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है।
मन में सोंचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें बल्कि मनन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हुए उसे कार्य में परिणत कर दें।
हर पर्वत पर माणिक्य नहीं होते, हर हाथी के सर पर मणी नहीं होता, सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं होते और हर वन मे चन्दन के वृक्ष भी नहीं होते हैं।
ऐसा एक भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आपने एक श्लोक, आधा श्लोक, चौथाई श्लोक, या श्लोक का केवल एक अक्षर नहीं सीखा, या आपने दान, अभ्यास या कोई पवित्र कार्य नहीं किया।
नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर मे जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा - ये सब निश्चय ही शीघ्र नस्ट हो जाते हैं।
जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले, एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है, वह शीघ्र नष्ट हो जाता है।
इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है.सदा सुख किसको रहता है?
एक दुर्जन और एक सर्प मे यह अंतर है की साप तभी डंख मरेगा जब उसकी जान को खतरा हो लेकिन दुर्जन पग पग पर हानि पहुचने की कोशिश करेगा .
राजा लोग अपने आस पास अच्छे कुल के लोगो को इसलिए रखते है क्योंकि ऐसे लोग ना आरम्भ मे, ना बीच मे और ना ही अंत मे साथ छोड़कर जाते है.
कोयल की सुन्दरता उसके गायन मे है. एक स्त्री की सुन्दरता उसके अपने पिरवार के प्रति समर्पण मे है. एक बदसूरत आदमी की सुन्दरता उसके ज्ञान मे है तथा एक तपस्वी की सुन्दरता उसकी क्षमाशीलता मे है
जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है.
एक ऐसा बालक जो जन्मते वक़्त मृत था, एक मुर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है. पहला बालक तो एक क्षण के लिए दुःख देता है, दूसरा बालक उसके माँ बाप को जिंदगी भर दुःख की अग्नि में जलाता है.
दीपक अँधेरे का भक्षण करता है इसीलिए काला धुआ बनाता है. इसी प्रकार हम जिस प्रकार का अन्न खाते है. माने सात्विक, राजसिक, तामसिक उसी प्रकार के विचार उत्पन्न करते है.
वह आदमी अभागा है जो अपने बुढ़ापे में पत्नी की मृत्यु देखता है. वह भी अभागा है जो अपनी सम्पदा संबंधियों को सौप देता है. वह भी अभागा है जो खाने के लिए दुसरो पर निर्भर है.
क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है.
इन सातो को जगा दे यदि ये सो जाए... १. विद्यार्थी २. सेवक ३. पथिक ४. भूखा आदमी ५. डरा हुआ आदमी ६. खजाने का रक्षक ७. खजांची
इन सातो को नींद से नहीं जगाना चाहिए... १. साप २. राजा ३. बाघ ४. डंख करने वाला कीड़ा ५. छोटा बच्चा ६. दुसरो का कुत्ता ७. मुर्ख
यदि नाग अपना फना खड़ा करे तो भले ही वह जहरीला ना हो तो भी उसका यह करना सामने वाले के मन में डर पैदा करने को पर्याप्त है. यहाँ यह बात कोई माइना नहीं रखती की वह जहरीला है की नहीं.
जिसके पास धन नहीं है वो गरीब नहीं है, वह तो असल में रहीस है, यदि उसके पास विद्या है. लेकिन जिसके पास विद्या नहीं है वह तो सब प्रकार से निर्धन है.
जिसे अपनी कोई अकल नहीं उसकी शास्त्र क्या भलाई करेंगे. एक अँधा आदमी आयने का क्या करेगा.
आप चाहे सौ बार पवित्र जल में स्नान करे, आप अपने मन का मैल नहीं धो सकते. उसी प्रकार जिस प्रकार मदिरा का पात्र पवित्र नहीं हो सकता चाहे आप उसे गरम करके सारी मदिरा की भाप बना दे.
एक विद्यार्थी पूर्ण रूप से निम्न लिखित बातो का त्याग करे. १. काम २. क्रोध ३. लोभ ४. स्वादिष्ट भोजन की अपेक्षा. ५. शरीर का शृंगार ६. अत्याधिक जिज्ञासा ७. अधिक निद्रा ८. शरीर निर्वाह के लिए अत्याधिक प्रयास.

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निष्कर्ष

अंत में, मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं। चाणक्य नीति पढ़ें और अपने जीवन को सफल बनाएं। चाणक्य नीति उद्धरणों का अनुसरण करते हुए एक असाधारण और विनम्र जीवन जीते हैं। आप किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं बस आपको ध्यान केंद्रित करने और सही दिशा में रहने की आवश्यकता है। चाणक्य नीति आपको उस सही दिशा को खोजने में मदद करती है। यदि आपके पास चाणक्य नीति या इस पृष्ठ के बारे में कोई प्रश्न है तो नीचे टिप्पणी करें।